पंडित हरिओम तिवारी जी ने बताया दीपावली पर लगभग हर घर में श्री गणेश और लक्ष्मीजी की नई मूर्तियों की पूजा होगी... लेकिन, पुरानी मूर्ति का क्या होगा
कुछ लोग शायद इसे प्रवाहित कर देंगे और कुछ लोग... पेड़ के नीचे रख देंगे...? विनम्र निवेदन उन कुछ लोगों से जो इन मूर्तियो की जिसकी साल भर पूजा की... अपने लिए बहुत कुछ माँगा भी होगा अब उन्हें ऐसे ही किसी पेड़ के नीचे रख देंगे। (यह उसी तरह होगा जैसे माँ बाप जब बुड्ढे हो जाते हैं तब उन्हें आश्रम भेज दिया जाए) ऐसा न करें।
ऐसा कदापि न करें। बल्कि, एक टब पानी में थोड़ा गंगाजल डाल कर मूर्ति को उसमें रख दें। एक-दो दिन में मूर्ति स्वतः उस में घुल जायेगी। मूर्ति घुले जल को किसी गमले या पेड़ की जड़ में डाल सकते हैं।
आपका यह प्रयास मूर्ति का सम्मानजनक विसर्जन तो होगा ही... नदियों को स्वच्छ रखने को उठाया गया सार्थक पहला कदम भी होगा...! लोग हमारे धर्म का मजाक भी नही बनायेंगे।
आपने देखा होगा अन्य धर्म के लोग हम हिंदुओ के देवी देवताओं की यहाँ वहाँ मूर्तियों पड़ी होने पर फब्तियां कसते है। उम्मीद है आप लोग इस तरह का कार्य न खुद करेंगे व दुसरो को भी ऐसा करने से रोकेंगे।
सहयोग की अपेक्षा के साथ!
#साभार
*पंडित हरिओम तिवारी जी*
*ज्ञान व मोक्ष की नगरी काशी*
*एवं मुंबई कल्याण ईस्ट चिंचपाडा*
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