लापरवाही, अनुपस्थित रहने एवं शैक्षणिक कार्यों की उपेक्षा के कारण अतिथि प्रवक्ता प्रांकुर शुक्ला की सेवा समाप्त — विश्वविद्यालय पर लगाए गए आरोप निराधार एवं भ्रामक




वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में अतिथि प्रवक्ता के रूप में कार्यरत प्रांकुर शुक्ला द्वारा हाल ही में विश्वविद्यालय एवं विभागीय प्रशासन पर लगाए गए आरोप पूर्णतः निराधार, भ्रामक एवं तथ्यों से परे हैं। वास्तविकता यह है कि श्री शुक्ला के विरुद्ध पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं और विश्वविद्यालय प्रशासन ने बार-बार चेतावनी देते हुए उन्हें सुधार का अवसर भी प्रदान किया, परंतु उनके द्वारा अपने दायित्वों के प्रति उदासीनता व गैरजिम्मेदारी लगातार जारी रही।

दिनांक 20 अप्रैल 2024 को तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रो. मुराद अली द्वारा श्री शुक्ला को स्मरण पत्र जारी किया गया था, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि MBA Agribusiness & E-Commerce द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों के “Production and Operation Management” का Sessional Exam समय पर संपन्न नहीं कराया गया। इस गंभीर शैक्षणिक लापरवाही पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया तथा चेतावनी दी गई कि सुधार न होने पर सेवा समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

इसके उपरांत दिनांक 26 सितंबर 2024 को पुनः कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसके तहत यह उल्लेखित था कि MBA Third Semester के “Operation Research” विषय की कक्षाएं (सोमवार से गुरुवार, 10:00 AM – 10:50 AM) में श्री शुक्ला लगातार बिना सूचना अनुपस्थित रहते हैं। विभागाध्यक्ष द्वारा उन्हें 2 सितंबर 2024, 18 सितंबर 2024, 24 सितंबर 2024 एवं 25 सितंबर 2024 को मौखिक रूप से तथा दूरभाष के माध्यम से चेतावनी दी गई, फिर भी उन्होंने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में सुधार नहीं किया।
यहां तक कि 26 सितंबर 2024 को भी 10:30 बजे तक श्री शुक्ला अनुपस्थित पाए गए, जिससे विभाग की शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हुईं और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई।

इसी क्रम में दिनांक 13 नवंबर 2025 को जब माननीय कुलपति महोदय द्वारा प्रातः 10:30 बजे IBM Building का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, तो श्री शुक्ला पुनः अनुपस्थित पाए गए। उस दिन अनुपस्थिति के लिए उन्होंने किसी प्रकार का अवकाश आवेदन भी प्रस्तुत नहीं किया था। इससे पूर्व भी कुलपति महोदय द्वारा उन्हें मौखिक चेतावनी दी जा चुकी थी, परंतु कोई सुधार नहीं दिखा।

लगातार शैक्षणिक दायित्वों की अनदेखी, अनुशासनहीनता, छात्रों की शिकायतों, समय पर कक्षाएं न लेने, तथा आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित होने जैसी गंभीर परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, दिनांक 3 दिसंबर 2025 को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा श्री प्रांकुर शुक्ला की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।

इन सभी तथ्यों से स्पष्ट होता है कि श्री प्रांकुर शुक्ला की सेवा समाप्ति पूर्णतः विधिक एवं प्रक्रियागत पद्धति के अंतर्गत की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें बार-बार सुधार के अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने अपने दायित्वों को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में अब सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से विश्वविद्यालय पर मनगढ़ंत आरोप लगाना न केवल अनुचित है बल्कि छात्रों, विभाग एवं विश्वविद्यालय की गरिमा के साथ भी खिलवाड़ है।

छात्र नेता दिव्यांशु सिंह ने कहा कि —

> “अकादमिक वातावरण, अनुशासन और छात्रों के हितों से समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसे गैर-जिम्मेदार शिक्षकों पर माननीय कुलपति जी द्वारा की गई कार्रवाई पूर्णतः उचित एवं स्वागतयोग्य है।”



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय सदैव छात्रों के हित, शिक्षण की गुणवत्ता और शैक्षणिक अनुशासन को सर्वोपरि मानता है। अतः किसी भी व्यक्ति द्वारा फर्जी वीडियो अथवा भ्रामक कथन बनाकर विश्वविद्यालय प्रशासन को बदनाम करने का कोई भी प्रयास कतई स्वीकार्य नहीं है।

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